जर्नल ऑफ़ इंडियन काउंसिल ऑफ़ फ़िलॉसॉफ़िकल रिसर्च
दर्शनशास्त्र और अन्तर्विषयी शोध की एक समीक्षित पत्रिका, 1983 से प्रकाशित।
पत्रिका के बारे मेंभारत सरकार Government of India · शिक्षा मंत्रालय
Īśa Upaniṣad · 15
ताकि सत्य-धर्म के उपासक को सत्य का दर्शन हो।
शिक्षा मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय के रूप में परिषद् शास्त्रीय दर्शनों से लेकर समकालीन चिंतन तक दर्शनशास्त्र में शोध को अध्येतावृत्तियों, संगोष्ठियों, व्याख्यानों, अनुवादों और अपनी पत्रिकाओं के माध्यम से प्रोत्साहित करती है।
व्यक्तिगत विद्वानों के लिए अध्येतावृत्तियाँ, तथा विश्वविद्यालयों में दर्शनशास्त्र की संगोष्ठियों, व्याख्यानों और अध्ययन मंडलों हेतु अनुदान।

1977 से
भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् की स्थापना शिक्षा मंत्रालय ने 1977 में एक समिति की अनुशंसा पर की, जिसने ICSSR और ICHR की तरह केवल दर्शनशास्त्र के लिए एक संस्था की आवश्यकता अनुभव की थी। परिषद् ने 1981 में अपने संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डी.पी. चट्टोपाध्याय के नेतृत्व में कार्य आरम्भ किया।
नई दिल्ली स्थित दर्शन भवन और लखनऊ स्थित शैक्षणिक केन्द्र से परिषद् अध्येतावृत्तियों और परियोजनाओं को वित्तीय सहायता देती है, विश्वविद्यालयों को संगोष्ठियाँ और व्याख्यान आयोजित करने में सहयोग करती है, पुस्तकें और जर्नल ऑफ़ इंडियन काउंसिल ऑफ़ फ़िलॉसॉफ़िकल रिसर्च प्रकाशित करती है तथा दर्शनशास्त्र का विशिष्ट पुस्तकालय संचालित करती है।
परिषद् इन क्षेत्रों में शोध को प्रोत्साहित करती है। अध्येतावृत्ति प्रस्ताव में इनमें से एक क्षेत्र चुनना होता है।
अध्येतावृत्ति योजना
दर्शनशास्त्र और अन्तर्विषयी शोध की एक समीक्षित पत्रिका, 1983 से प्रकाशित।
पत्रिका के बारे मेंपरिषद् के नए प्रकाशन
दर्शन भवन में कार्यक्रम, अप्रैल 2026